दुनियाभर की प्रमुख जलवायु एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगले पांच वर्षों के दौरान वैश्विक तापमान रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और बदलते मौसम चक्र के कारण पृथ्वी तेजी से गर्म हो रही है।
जलवायु विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में कई देशों को अधिक तीव्र हीटवेव, सूखा, भारी बारिश और समुद्री तूफानों जैसी चरम मौसम घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि औसत वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में खतरनाक सीमा के करीब पहुंच रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कार्बन उत्सर्जन में तेजी से कमी नहीं लाई गई, तो इसका असर कृषि, जल संसाधनों और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देगा। कई क्षेत्रों में गर्मी का स्तर मानव जीवन और आर्थिक गतिविधियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
हाल के वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई है। यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका के कई देशों ने असामान्य तापमान और लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव का अनुभव किया है। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव से जोड़ रहे हैं।
जलवायु एजेंसियों ने सरकारों से स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन कटौती और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कदमों को तेजी से लागू करने की जरूरत बताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ वर्ष वैश्विक जलवायु नीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।









