बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और मित्रवत माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य का पहला “बाल मित्र थाना” देहरादून के डालनवाला थाना परिसर में शुरू किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस विशेष थाने का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार बेहद आवश्यक है। अक्सर बच्चे पुलिस थाने का नाम सुनकर घबरा जाते हैं, लेकिन “बाल मित्र थाना” की अवधारणा बच्चों में विश्वास पैदा करेगी और वे बिना डर अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर है तथा भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इस तरह के थाने विकसित किए जाएंगे।
डालनवाला स्थित इस बाल मित्र थाने को सामान्य पुलिस थानों से अलग और बच्चों के अनुकूल बनाया गया है। यहां रंग-बिरंगी दीवारें, कार्टून चित्र, खिलौने, कॉमिक्स और बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि बच्चे सहज महसूस कर सकें। साथ ही बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कई परिस्थितियों में पुलिसकर्मी बिना वर्दी के बच्चों से बातचीत करेंगे, जिससे बच्चों में डर का माहौल न बने।
अधिकारियों के अनुसार, यह पहल विशेष रूप से उन बच्चों के लिए लाभकारी होगी जो किसी अपराध के शिकार हुए हैं, गुमशुदगी, घरेलू हिंसा या अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़े हैं। यहां बच्चों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें मानसिक रूप से सहयोग मिल सके।
इस नई पहल को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि “बाल मित्र थाना” बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा।










