राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का चार सप्ताह का इन-पर्सन समर इंटर्नशिप प्रोग्राम (SIP) शुक्रवार को नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आवेदन करने वाले 1,768 छात्रों में से चयनित 96 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना था।
मुख्य बातें (Highlights)
- 1,768 आवेदनों में से 96 छात्रों का चयन।
- चार सप्ताह तक चला ऑफलाइन समर इंटर्नशिप कार्यक्रम।
- मानवाधिकार, संविधान और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विशेषज्ञों के व्याख्यान।
- महासचिव भारत लाल ने युवाओं से उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान का आह्वान किया।
- AI, जलवायु परिवर्तन और मानवाधिकारों की भविष्य की चुनौतियों पर विशेष चर्चा।
महासचिव भारत लाल का संदेश
समापन समारोह को संबोधित करते हुए NHRC के महासचिव भारत लाल ने कहा कि किसी भी इंटर्नशिप की वास्तविक सफलता केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव, दृष्टिकोण और व्यक्तित्व विकास में होती है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इस कार्यक्रम से मिली सीख को अपने करियर और जीवन के हर क्षेत्र में अपनाएं तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।
AI के दौर में उत्कृष्टता जरूरी
भारत लाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन तेजी से दुनिया को बदल रहे हैं। ऐसे समय में केवल औसत प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होगा। युवाओं को अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करनी होगी ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के पास पहले से अधिक अवसर और संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
मानवाधिकार सभी की जिम्मेदारी
महासचिव ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल सरकार या किसी एक संस्था का कार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने संविधान में वर्णित बंधुत्व (Fraternity) के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए युवाओं से समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करने और मानव गरिमा का सम्मान करने का आह्वान किया।
उन्होंने छात्रों को हमेशा जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और दूसरों के विचारों को सुनने की सलाह दी।
जलवायु परिवर्तन और श्रमिक अधिकारों पर भी चर्चा
अपने संबोधन में भारत लाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में श्रमिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को इन विषयों की गहरी समझ विकसित करनी चाहिए ताकि वे भविष्य के जिम्मेदार नीति निर्माता और नागरिक बन सकें।
क्या-क्या सीखा इंटर्न्स ने?
NHRC की संयुक्त सचिव सैडिंगपुई चकछुआक ने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न मंत्रालयों के विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख गतिविधियां—
- मानवाधिकार विषयक विशेषज्ञ व्याख्यान
- फील्ड विजिट
- पुस्तक समीक्षा
- रिसर्च प्रोजेक्ट प्रस्तुति
- भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता
- समूह चर्चा और इंटरैक्टिव सत्र
इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में आलोचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास हुआ।
क्यों खास है यह कार्यक्रम?
NHRC का समर इंटर्नशिप प्रोग्राम देश के युवाओं को मानवाधिकारों की व्यावहारिक समझ प्रदान करने वाला एक प्रमुख मंच बन चुका है। यह कार्यक्रम छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें नीति निर्माण, प्रशासन और सामाजिक न्याय से जुड़े वास्तविक पहलुओं से भी परिचित कराता है।







