फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में स्पेन और बेल्जियम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराया, जबकि बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से शिकस्त दी। इन परिणामों के साथ फुटबॉल इतिहास में पहली बार तीन देशों की संयुक्त मेजबानी वाले विश्व कप के सभी मेजबान देश नॉकआउट चरण में ही बाहर हो गए।
स्पेन और पुर्तगाल के बीच खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। हालांकि निर्णायक क्षण में स्पेन ने एकमात्र गोल कर बढ़त बनाई और अंत तक उसे बरकरार रखा। पुर्तगाल ने बराबरी के लिए कई मौके बनाए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसके सभी प्रयास नाकाम रहे। इस हार के साथ पुर्तगाल का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया और स्पेन ने अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली।
दूसरे मुकाबले में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। बेल्जियम ने मैच 4-1 से अपने नाम किया। टीम की ओर से चार्ल्स डी केटेलारे ने दो गोल दागकर जीत में अहम भूमिका निभाई। अमेरिका ने एक गोल कर मुकाबले में लौटने की कोशिश की, लेकिन बेल्जियम के तेज़ आक्रमण और सटीक फिनिशिंग के सामने उसकी चुनौती टिक नहीं सकी।
इन परिणामों का सबसे बड़ा असर टूर्नामेंट के मेजबान देशों पर पड़ा। इससे पहले कनाडा मोरक्को से 0-3 और मेक्सिको इंग्लैंड से 2-3 की हार के बाद बाहर हो चुके थे। अब अमेरिका की हार के साथ संयुक्त मेजबान अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको तीनों टीमें विश्व कप 2026 से बाहर हो गई हैं। यह टूर्नामेंट के सबसे चर्चित घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है।
अब क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा, जबकि फ्रांस और मोरक्को भी आमने-सामने होंगे। दूसरी ओर इंग्लैंड और नॉर्वे पहले ही अंतिम आठ में पहुंच चुके हैं। आखिरी क्वार्टर फाइनल की तस्वीर अर्जेंटीना–मिस्र और स्विट्जरलैंड–कोलंबिया के मुकाबलों के बाद साफ होगी।
नॉकआउट चरण के इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि फीफा विश्व कप 2026 में कोई भी टीम सुरक्षित नहीं है। दिग्गज टीमों के लगातार बाहर होने और मेजबान देशों के जल्दी बाहर होने से टूर्नामेंट अब और भी रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है।









