क्रिकेट की दुनिया को टी20 फॉर्मेट का नया राजा मिल गया है। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रविवार रात खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पांच बार की वनडे वर्ल्ड चैंपियन टीम के लिए यह पल ऐतिहासिक है, क्योंकि टी20 फॉर्मेट में यह उनका पहला विश्व खिताब है।
173 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत में ही कप्तान एरोन फिंच का विकेट गंवा दिया था। लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए मिचेल मार्श (77)* ने डेविड वॉर्नर (53) के साथ मिलकर कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। मार्श ने अपनी पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इरादे साफ कर दिए थे। वॉर्नर के आउट होने के बाद ग्लेन मैक्सवेल ने मार्श का साथ निभाया और 7 गेंदें शेष रहते ही टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया।
इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 172/4 का स्कोर खड़ा किया था। कीवी कप्तान केन विलियमसन ने कप्तानी पारी खेलते हुए मात्र 48 गेंदों में 85 रन कूटे, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल थे। जोश हेजलवुड ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 3 विकेट झटके। हालांकि, विलियमसन की यह शानदार पारी उनकी टीम को चैंपियन बनाने के लिए काफी नहीं रही।
इस वर्ल्ड कप में भारतीय फैंस के लिए यादें कुछ खास नहीं रहीं। टीम इंडिया खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में उतरी थी, लेकिन पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से शुरुआती मैच हारने के बाद टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई। यह विराट कोहली का टी20 कप्तान के तौर पर और रवि शास्त्री का मुख्य कोच के तौर पर आखिरी टूर्नामेंट था।








