मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शनिवार को बलरामपुर की धरती से शुरू किए गए 'मिशन शक्ति' अभियान का व्यापक असर अभियान के दूसरे दिन प्रदेश भर में देखने को मिला। मुख्यमंत्री के उस कड़े संदेश— "बेटियों पर बुरी नजर डाली तो दुर्गति तय है"— के बाद गृह विभाग और पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।
थानों में 'पिंक' सुरक्षा का घेरा
अभियान के अगले ही दिन प्रदेश के सभी 1535 थानों में विशेष 'महिला हेल्प डेस्क' ने काम करना शुरू कर दिया है। इन डेस्क की कमान महिला पुलिसकर्मियों को सौंपी गई है, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी संकोच के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इन शिकायतों पर न केवल त्वरित कार्रवाई होगी, बल्कि इनकी निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
चौराहों पर लगेंगे 'शोहदों' के पोस्टर
राजधानी लखनऊ सहित कई जनपदों में पुलिस ने चिन्हित मनचलों और अपराधियों के खिलाफ घेराबंदी शुरू कर दी है। 'मिशन शक्ति' के तहत दूसरे चरण की तैयारी भी तेज है, जिसमें सुधार न करने वाले असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उनके पोस्टर सार्वजनिक चौराहों पर चस्पा किए जाएंगे।
गांव-गांव तक पहुंचा 'मिशन शक्ति' का संदेश
नवरात्रि के पावन अवसर पर शुरू हुए इस 180 दिवसीय अभियान के तहत आज प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और महिला कल्याण विभाग की टीमों ने ग्रामीण इलाकों में जाकर महिलाओं को सरकारी हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 और 181 के बारे में जागरूक किया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों को सक्रिय किया जा रहा है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।
बलरामपुर की बेटी को न्याय का संकल्प
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा बलरामपुर की बेटी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि के बाद, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। देवीपाटन मंडल के सभी जिलों में पुलिस की 'एंटी रोमियो स्क्वाड' फिर से सड़कों पर सक्रिय नजर आ रही है।
मिशन शक्ति का यह पहला चरण वासंतिक नवरात्र (अगले वर्ष अप्रैल) तक जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य उत्तर प्रदेश की प्रत्येक महिला को स्वावलंबन, सम्मान और सुरक्षा का अहसास कराना है।









