वाशिंगटन के कैपिटल हिल में कल एक ऐतिहासिक समारोह के बीच डोनाल्ड जे. ट्रंप ने अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। हल्की बारिश और कड़ी सुरक्षा के बीच हुए इस समारोह में ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि उनका प्रशासन पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर चलेगा। अपने 16 मिनट के आक्रामक संबोधन में उन्होंने सत्ता को वाशिंगटन से हटाकर सीधे जनता के हाथों में सौंपने का संकल्प लिया और "अमेरिका फर्स्ट" (सबसे पहले अमेरिका) का नारा बुलंद किया।कड़े और सीधे तेवर राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में देश की वर्तमान स्थिति का एक गंभीर चित्र खींचा, जिसे उन्होंने "अमेरिकी तबाही" (American Carnage) करार दिया। उन्होंने बंद पड़े कारखानों, अपराध और बेरोजगारी का जिक्र करते हुए वादा किया कि अब से अमेरिका का हर निर्णय—चाहे वह व्यापार हो, कर हो या विदेशी मामले—अमेरिकी श्रमिकों और परिवारों के हित में ही लिया जाएगा।
विरोध और समर्थन के बीच शुरुआत समारोह में बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन जैसे पूर्व राष्ट्रपति भी शामिल हुए। हालांकि, यह दिन केवल जश्न का ही नहीं रहा। जहाँ एक ओर ट्रंप समर्थक उनकी जीत का उत्सव मना रहे थे, वहीं वाशिंगटन की सड़कों पर कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। कई जगहों पर तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने लगभग 200 लोगों को हिरासत में लिया।पहले ही दिन एक्शन शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस पहुंचकर अपने पहले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य 'ओबामाकेयर' (Affordable Care Act) के आर्थिक बोझ को कम करना था। यह उनके उन वादों की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है जो उन्होंने चुनाव के दौरान जनता से किए थे।









