दक्षिण अमेरिकी देश Bolivia में बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति Rodrigo Paz ने शनिवार को देश में आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया। यह फैसला पिछले लगभग 50 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों और सड़क नाकेबंदी के बाद लिया गया है, जिसने देश की अर्थव्यवस्था और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, ईंधन संकट, डॉलर की कमी और सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर रखा है। आंदोलन की शुरुआत आर्थिक मुद्दों से हुई थी, लेकिन बाद में कई समूहों ने राष्ट्रपति पाज़ के इस्तीफे की मांग भी उठानी शुरू कर दी।
राष्ट्रपति पाज़ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि आपातकाल का उद्देश्य नागरिकों की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं, बल्कि देश को ठप कर रही नाकेबंदियों को हटाकर सामान्य गतिविधियों को बहाल करना है। आपातकाल लागू होने के बाद सुरक्षा बलों और सेना को प्रमुख मार्गों को खुलवाने तथा आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त अधिकार मिल गए हैं।
सरकार और प्रमुख श्रमिक संगठन के बीच हाल ही में एक समझौता भी हुआ है, लेकिन कई प्रदर्शनकारी समूह अभी भी आंदोलन जारी रखे हुए हैं। राजधानी ला पाज़ सहित कई क्षेत्रों में ईंधन, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की दिशा ही यह तय करेगी कि देश में राजनीतिक स्थिरता लौटती है या संकट और गहराता है।










