मुंबई में आयोजित रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की रणनीति और भारत के डिजिटल एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र में नेतृत्व की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ AI आत्मनिर्भरता को भी राष्ट्रीय मिशन बनाना होगा।
अंबानी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस ने रिकॉर्ड ₹11.75 लाख करोड़ का राजस्व, ₹2.08 लाख करोड़ का EBITDA और ₹95,754 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया। कंपनी का पूंजीगत निवेश (Capex) ₹1.44 लाख करोड़ रहा, जबकि पिछले पांच वर्षों में कुल निवेश ₹6.48 लाख करोड़ से अधिक रहा है।
बैठक की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की तैयारी रही। अंबानी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी दे दी है और इसे सेबी के पास दाखिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जियो का प्रस्तावित लिस्टिंग भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगी।
AI क्षेत्र में रिलायंस ने “Reliance Intelligence” के माध्यम से भारत का स्वदेशी AI इकोसिस्टम विकसित करने की योजना प्रस्तुत की। कंपनी गुजरात के जामनगर में स्वच्छ ऊर्जा आधारित AI इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर रही है, जिसमें अत्याधुनिक NVIDIA GPU क्षमता का उपयोग किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म भारतीय भाषाओं में AI सेवाएँ उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा।
जियो के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए अंबानी ने बताया कि कंपनी के उपयोगकर्ताओं की संख्या 52.4 करोड़ से अधिक हो गई है, जबकि 5G ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ पार कर चुकी है। जियो एयरफाइबर के माध्यम से 1.3 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड सेवाएँ पहुँच चुकी हैं।
रिलायंस ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में भी प्रवेश की योजना का संकेत दिया है। कंपनी भारत के लिए स्वदेशी लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन विकसित करने की संभावना का अध्ययन कर रही है और वैश्विक सैटेलाइट ऑपरेटरों के साथ साझेदारी भी कर रही है।
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो और रिलायंस की अगली विकास यात्रा AI, 5G, डिजिटल सेवाओं, सैटेलाइट कनेक्टिविटी और भारत-केंद्रित तकनीकी नवाचार पर आधारित होगी, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।










