'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान को एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार (21 जून, 2026) को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक भव्य त्रिकोणीय कमिशनिंग समारोह (Tri-Commissioning Ceremony) में भारतीय नौसेना के तीन अत्याधुनिक और पूरी तरह स्वदेशी युद्धपोतों—INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को नौसेना के बेड़े में शामिल किया। भारतीय नौसेना के 'वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो' द्वारा डिजाइन किए गए और कोलकाता की रक्षा पीएसयू 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड' (GRSE) द्वारा निर्मित इन तीनों जहाजों में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसके निर्माण में देश के 200 से अधिक MSMEs ने सक्रिय भागीदारी निभाई है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा और 'ब्लू-वाटर नेवी' की परिचालन क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेंगे।
1. INS दूनागिरी (अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट): प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित यह पांचवां स्टील्थ फ्रिगेट (Stealth Frigate) है, जो दुश्मन के राडार को चकमा देने की अनूठी क्षमता रखता है। यह युद्धपोत खतरनाक 'ब्रह्मोस' (BrahMos) सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और मीडियम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MRSAM) प्रणाली से लैस है। यह महासागरों में भारतीय नौसेना की आक्रामक और लड़ाकू क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
2. INS संशोधक (बड़ा सर्वेक्षण पोत / Survey Vessel Large): यह भारत के बड़े सर्वेक्षण जहाजों की श्रृंखला का चौथा पोत है। INS संशोधक को तटीय और गहरे समुद्र के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (Hydrographic Surveys) और रक्षा व नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) और रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) जैसे अत्याधुनिक सर्वेक्षण प्रणालियों से लैस है।
3. INS अग्रय (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट): यह अरनाला-क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर का चौथा युद्धपोत है, जिसे विशेष रूप से तटीय और कम गहरे पानी (Shallow Waters) में दुश्मन की पनडुब्बियों और अंडरवाटर खतरों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है। यह हल्के वजन वाले टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और एडवांस शैलो-वाटर सोनार सिस्टम से पूरी तरह लैस है।










